कुछ तो हमारी भाईगिरी के अंदाज़ से जल जाते हैं।
लेकिन तू मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, ये बात दिल से मानता हूँ!
जिगरी दोस्त तो वो होते हैं जो हर मोड़ पर खड़े हों,
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
वो दोस्त ज़ख्मों की सबसे प्यारी दवा है।
मेरे हाथ की नब्ज़ देखकर हाकिम ने कर बोला
वो अब टूटकर गिर गया है, जैसे कांच का टुकड़ा।
लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
“यारी में जो बोले ‘अरे चलो’, वही असली दोस्त है।”
हमारी दोस्ती में न डर है, न कोई तोड़ हो।
“दोस्ती में प्यार है, इसलिए दिल हर पल तेरा याद करता है।”
ज़ुबान पे नाम लाना जरूरी नहीं होता मेरे दोस्तों
क्योंकि हमारी यारी में कभी दूरी नहीं है।
तेरी दोस्ती में ही तो, हर Dosti Shayari मुश्किल आसान है।